Aadhaar Card- ब्लू आधार कार्ड को अपडेट करना क्यों हैं जरूरी, आइए जानते हैं क्या हैं ब्लू आधार कार्ड के बारे में

By Jitendra Jangid- दोस्तो जैसा कि हम सब जानते हैं कि आधार कार्ड भारतीयो के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो बैंक में खाता खोलने, सिम कार्ड लेने, सरकारी योजनाओं में निवेश करने और लाभ उठाने के लिए काम आता हैं, ऐसे में बात करें ब्लू आधार कार्ड की जो विशेषकर बच्चों के लिए बनाया जाता हैं, जिसके लिए केंद्र सरकार ने देश भर के सभी अभिभावकों से अपने बच्चों के आधार कार्ड अपडेट कराने के आदेश जारी किए है, आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी डिटेल्स

बाल आधार क्या है?

नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए भी आधार कार्ड जारी किए जाते हैं। इन्हें बाल आधार कार्ड कहा जाता है और ये नीले रंग के होते हैं।

बाल आधार, जन्म प्रमाण पत्र और माता-पिता के आधार विवरण का उपयोग करके बनाया जाता है।

सामान्य आधार कार्डों के विपरीत, बाल आधार में उंगलियों के निशान या आईरिस स्कैन जैसे बायोमेट्रिक डेटा नहीं होते हैं, क्योंकि छोटे बच्चों के बायोमेट्रिक्स पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं।

अपडेट क्यों ज़रूरी है?

जब कोई बच्चा 5 साल का हो जाता है, तो उसका आधार कार्ड बायोमेट्रिक डेटा सहित अपडेट किया जाना चाहिए।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय डेटा सटीक और अद्यतित है, 7 साल की उम्र में दूसरा अपडेट अनिवार्य है।

सरकारी अपील:

सरकार अभिभावकों से आग्रह कर रही है कि वे 7 साल की उम्र के बच्चों के आधार कार्ड बिना किसी देरी के अपडेट करा लें।

आपको क्या करना चाहिए:

अपने नज़दीकी आधार नामांकन/अपडेट केंद्र पर जाएँ।

अपने बच्चे का मौजूदा आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और अपना आधार कार्ड साथ रखें।

बायोमेट्रिक जानकारी (उंगलियों के निशान और आँखों की पुतलियों का स्कैन) अपडेट करें और जनसांख्यिकीय विवरण की पुष्टि करें।

 

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