AC Tips- यूरोप में बढ़ती गर्मी से राहत देगी भारतीय AC, 2027 में दिखेगा स्वैग

दोस्तो दुनिया में बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग का असर आप यूरोप में देख सकते हैं, जहां जहाँ हाल के वर्षों में बार-बार और ज़बरदस्त हीटवेव (लू) देखी गई है, कूलिंग उपकरणों के लिए एक बड़े बाज़ार के रूप में उभर रहा है। इस मौके को देखते हुए, भारतीय एयर कंडीशनिंग निर्माता यूरोप में अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं और उम्मीद है कि 2027 में कमर्शियल बिक्री शुरू हो जाएगी, आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

यूरोपीय बाज़ार में प्रवेश करना आसान नहीं होगा। भारतीय कंपनियों को कड़े नियमों, ज़्यादा मैन्युफैक्चरिंग लागत और पहले से स्थापित चीनी और दक्षिण कोरियाई ब्रांडों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा।

यूरोप में विस्तार की तैयारी कर रही भारतीय कंपनियाँ

रिपोर्ट के अनुसार गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप पिछले साल से ही यूरोप में अवसरों का आकलन कर रहा है। कंपनी के अप्लायंसेज बिज़नेस के प्रमुख कमल नंदी ने कहा कि इस साल की भीषण गर्मी ने यूरोपीय बाज़ार की संभावनाओं को और मज़बूत किया है।

उन्होंने कहा कि तुरंत प्रवेश संभव नहीं है क्योंकि उत्पादों को पहले यूरोप के कड़े सर्टिफिकेशन और अनुपालन मानकों को पूरा करना होगा। कंपनी अब 2027 की गर्मियों में कमर्शियल लॉन्च की योजना बना रही है।

AC निर्यात के लिए सरकार का समर्थन

भारत सरकार एयर कंडीशनर को देश की अगली बड़ी मैन्युफैक्चरिंग सफलता की कहानियों में से एक के रूप में देखती है, ठीक वैसे ही जैसे स्मार्टफोन उद्योग के मामले में हुआ था।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घरेलू निर्माताओं को निर्यात बढ़ाने और वैश्विक कूलिंग उपकरण बाज़ारों में भारत की उपस्थिति को मज़बूत करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

खास बात यह है कि एयर कंडीशनर एकमात्र प्रमुख 'व्हाइट गुड्स' श्रेणी है जो सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के अंतर्गत आती है, जो इस क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को उजागर करती है।

कई कंपनियाँ यूरोपीय बाज़ार पर नज़र गड़ाए हुए हैं

हैवेल्स (Havells) अमेरिकी बाज़ार में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने के बाद डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क के माध्यम से यूरोप में एयर कंडीशनर और पंखे निर्यात करने की योजना बना रही है।

कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर एम्बर एंटरप्राइजेज (Amber Enterprises), जो LG, डाइकिन (Daikin), सैमसंग (Samsung) और ब्लू स्टार (Blue Star) जैसे ब्रांडों को आपूर्ति करती है, भी निर्यात के अवसरों की तलाश कर रही है।

LG, डाइकिन और हायर (Haier) जैसी वैश्विक कंपनियाँ भारत में निर्यात-उन्मुख मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं का विस्तार कर रही हैं, जिससे वे सीधे यूरोपीय बाज़ारों में उत्पादों को भेज सकेंगी।