आईपीएल में नई भूमिका की चर्चा: क्या कोच पद छोड़ गौतम गंभीर बनेंगे राजस्थान रॉयल्स के पार्टनर-मेंटोर?

भारतीय क्रिकेट जगत में इन दिनों एक बड़ी खबर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। मौजूदा समय में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर अटकलें तेज हैं कि वे जल्द ही इंडियन प्रीमियर लीग में नई भूमिका निभा सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स के नए प्रबंधन की ओर से उन्हें ऐसा प्रस्ताव दिया गया है जो सिर्फ मेंटर की भूमिका तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें टीम के उच्च प्रशासनिक पद और हिस्सेदारी भी शामिल बताई जा रही है।

राजस्थान रॉयल्स की नई रणनीति

सूत्रों के अनुसार, फ्रेंचाइज़ी के स्वामित्व ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। पुराने निवेशकों द्वारा हिस्सेदारी बेचने और नए निवेशकों के आने की चर्चा है। इसी नए मैनेजमेंट समूह के एक प्रमुख सदस्य ने कथित तौर पर गंभीर को टीम से जोड़ने की इच्छा जताई है। प्रस्ताव में उन्हें “मेंटोर + सीईओ + पार्टनर” जैसी संयुक्त भूमिका देने की बात कही गई है। साथ ही टीम की 2–3 प्रतिशत इक्विटी देने की पेशकश भी सामने आई है। क्रिकेट जगत के जानकार इसे आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े ऑफर्स में से एक मान रहे हैं, खासकर किसी पूर्व खिलाड़ी के लिए।

ऑफर इतना खास क्यों माना जा रहा है?

आमतौर पर रिटायर खिलाड़ी फ्रेंचाइज़ी टीमों के साथ कोच, सलाहकार या मेंटर के रूप में जुड़ते हैं। लेकिन गंभीर को जो भूमिका ऑफर होने की बात सामने आई है, उसमें खेल से लेकर प्रबंधन तक तीन स्तरों की जिम्मेदारी शामिल है। यदि ऐसा होता है, तो वे न केवल मैदान से जुड़ी रणनीति संभालेंगे बल्कि टीम के प्रशासनिक फैसलों और दीर्घकालिक योजनाओं में भी भागीदार होंगे। यह मॉडल खेल जगत में कम ही देखने को मिलता है।

नियमों की बाधा: हितों का टकराव

हालांकि यह प्रस्ताव जितना आकर्षक बताया जा रहा है, उतना ही जटिल भी है। मौजूदा नियमों के तहत कोई व्यक्ति एक ही समय पर राष्ट्रीय टीम के कोच और किसी फ्रेंचाइज़ी टीम के पदाधिकारी नहीं रह सकता। इसे ‘कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट’ यानी हितों का टकराव माना जाता है। ऐसे में यदि गंभीर आईपीएल टीम से जुड़ना चाहते हैं, तो उन्हें राष्ट्रीय टीम के कोच पद से इस्तीफा देना होगा—जो फिलहाल आसान निर्णय नहीं दिखता।

कोच के रूप में उनका कार्यकाल

गंभीर ने जुलाई 2024 में मुख्य कोच का पद संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 में होने वाले ICC Cricket World Cup 2027 तक माना जा रहा है। खिलाड़ी के तौर पर संन्यास लेने के बाद भी वे लगातार क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पहले लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ काम करते हुए टीम को मजबूत बनाया, और फिर 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर के रूप में जुड़कर खिताबी सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी रणनीतिक समझ और नेतृत्व क्षमता ही उन्हें फ्रेंचाइज़ी मालिकों के लिए आकर्षक विकल्प बनाती है।

अभी क्या है गंभीर का रुख?

अब तक इस पूरे मामले पर गंभीर या उनके आधिकारिक प्रतिनिधियों की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। करीबी सूत्रों का कहना है कि वे फिलहाल अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारियों पर पूरी तरह ध्यान दे रहे हैं। टीम वर्तमान में ICC Men’s T20 World Cup 2026 में व्यस्त है और शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले चरण में पहुंच चुकी है। ऐसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के बीच कोच पद छोड़ना व्यावहारिक रूप से कठिन माना जा रहा है।

आगे क्या हो सकता है?

इस संभावित सौदे ने क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है। क्या गंभीर इतने बड़े ऑफर के लिए राष्ट्रीय टीम का साथ छोड़ देंगे, या वे अपने मौजूदा अनुबंध को पूरा करेंगे? फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि आने वाले महीनों में इस मुद्दे पर कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।

यदि यह प्रस्ताव वास्तविकता में बदलता है, तो यह आईपीएल और भारतीय क्रिकेट दोनों के लिए एक ऐतिहासिक प्रशासनिक बदलाव साबित हो सकता है। वहीं यदि गंभीर अपने मौजूदा पद पर बने रहते हैं, तो यह संकेत होगा कि वे फिलहाल राष्ट्रीय टीम के दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

निष्कर्ष: मामला अभी चर्चाओं और अटकलों के दौर में है। अंतिम निर्णय चाहे जो हो, गौतम गंभीर का नाम एक बार फिर क्रिकेट की सुर्खियों में है—और पूरा क्रिकेट जगत उनकी अगली चाल का इंतजार कर रहा है।