यूपी में नई शिक्षक भर्ती पर फिलहाल रोक: 47 हजार रिक्त पदों पर सरकार का स्पष्ट जवाब
- bySagar
- 19 Feb, 2026
Uttar Pradesh में सरकारी शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, जबकि बड़ी संख्या में पद खाली बताए जा रहे हैं। बीएड और डीएलएड जैसे प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों के लिए यह घोषणा निराशाजनक मानी जा रही है, क्योंकि वे लंबे समय से भर्ती नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे थे।
विधानसभा में सरकार का जवाब
विधानसभा में लिखित उत्तर देते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री Sandeep Singh ने कहा कि पिछले वर्षों में की गई नियुक्तियों से स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सहायक शिक्षक, शिक्षामित्र और अन्य शिक्षण कर्मी मिलकर निर्धारित शिक्षक-छात्र अनुपात बनाए हुए हैं।
सरकार का मानना है कि मौजूदा स्टाफ व्यवस्था के चलते शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ रहा, इसलिए तुरंत नई भर्ती की आवश्यकता नहीं है।
खाली पद मौजूद, फिर भी भर्ती नहीं
सरकारी पक्ष के विपरीत उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि स्कूलों में हजारों पद रिक्त हैं। रिपोर्टों के अनुसार Uttar Pradesh Basic Education Council के अंतर्गत लगभग 46,944 सहायक शिक्षक पद खाली हैं।
यही अंतर अब चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि इतने बड़े पैमाने पर रिक्तियां होने के बावजूद भर्ती न होना रोजगार के अवसरों को सीमित कर रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था से शैक्षणिक कामकाज सुचारु रूप से चल रहा है।
विधायकों ने उठाई बेरोजगार युवाओं की चिंता
विधानसभा में विधायक Anil Pradhan ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उनका कहना है कि लगभग 20 से 25 लाख प्रशिक्षित युवा भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार देरी के कारण कई उम्मीदवार दूसरे राज्यों में नौकरी तलाशने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे राज्य से प्रतिभा पलायन की स्थिति बन रही है।
मौजूदा शिक्षकों के लिए राहत योजनाएं
नई भर्ती पर रोक के बीच सरकार ने वर्तमान शिक्षकों के लिए कुछ राहत कदमों की घोषणा की है। इनमें कैशलेस मेडिकल सुविधा और पसंदीदा स्थान पर तबादले का विकल्प शामिल है, जिससे कार्य परिस्थितियां बेहतर बन सकें।
इसके अलावा राज्य सरकार ने Supreme Court of India में एक पुनर्विचार याचिका भी दायर की है, जो पूर्व न्यायिक आदेशों से जुड़ी है जिनमें कुछ शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य की गई थी। इस मामले का फैसला प्रभावित शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
पिछली भर्ती कब हुई थी
राज्य में आखिरी बड़ी शिक्षक भर्ती 2019 में हुई थी, जब लगभग 69,000 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की गई। इसके बाद 2022 में अदालत के निर्देश पर 5,886 अतिरिक्त उम्मीदवारों को नियुक्त किया गया। तब से अब तक कोई नई भर्ती अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
आगे क्या उम्मीद
शिक्षक भर्ती का मुद्दा प्रदेश के सबसे चर्चित रोजगार विषयों में से एक बना हुआ है। हजारों पद रिक्त होने और लाखों उम्मीदवारों के इंतजार के बीच अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भविष्य में सरकार अपनी नीति पर पुनर्विचार करेगी।
तब तक अभ्यर्थियों को आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखते हुए तैयारी जारी रखनी होगी, क्योंकि अगला निर्णय उनके करियर की दिशा तय कर सकता है।






