WhatsApp Tips- WhatsApp ने 9400 अकाउंट्स को किया बैन, जानिए इसकी वजह

दोस्तो जैसा कि हम सब जानते हैं आज के आधुनिक युग में व्हाट्सएप दुनिया का सबसे लोकप्रिय ऐप हैं, जिसके पूरी दुनिया में 4 बिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं, आज ऑनलाइन धोखाधड़ी में तेज़ी से बढ़ोतरी के चलते, मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म यूज़र्स की सुरक्षा के लिए और भी कड़े कदम उठा रहे हैं। WhatsApp ने उन हज़ारों अकाउंट्स पर सख्त कार्रवाई की है जो पूरे भारत में लोगों को निशाना बनाने वाले बढ़ते "डिजिटल अरेस्ट" स्कैम से जुड़े थे,आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

धोखाधड़ी वाले अकाउंट्स पर बड़े पैमाने पर बैन

जनवरी से शुरू हुए 12 हफ़्तों के दौरान, WhatsApp ने भारत में 9,400 से ज़्यादा अकाउंट्स बैन कर दिए।

ये अकाउंट्स डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े थे, जिनमें धोखेबाज़ अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ऐंठते थे।

यह कार्रवाई सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर की गई।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान खुलासा

इस बात का खुलासा आर. वेंकटरमणी ने भारत के सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई के दौरान किया।

यह मामला डिजिटल अरेस्ट स्कैम के बढ़ते खतरे पर केंद्रित था।

स्कैम के ऑपरेशन विदेशों से चलाए जा रहे थे

WhatsApp की जांच में पता चला कि स्कैम से जुड़े कई अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशिया से चलाए जा रहे थे।

इनमें से बड़ी संख्या में अकाउंट्स कंबोडिया में मौजूद स्कैम सेंटर्स से जुड़े पाए गए, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारतीय यूज़र्स को निशाना बनाने वाला यह एक अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी नेटवर्क है।

धोखेबाज़ों ने लोगों का भरोसा कैसे जीता?

स्कैमर्स ने नकली पहचान का इस्तेमाल किया और ऐसे नाम रखे जो सुनने में बिल्कुल असली अधिकारियों जैसे लगते थे, जैसे:

"दिल्ली पुलिस"

"मुंबई HQ"

"CBI"

"ATS डिपार्टमेंट"

उन्होंने असली दिखने और किसी को शक न हो, इसके लिए सरकारी लोगो और प्रोफ़ाइल तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया।

साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए नए उपाय

WhatsApp ने ऐसी गतिविधियों का पता लगाने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए कुछ आधुनिक टूल्स पेश किए हैं।

यह कार्रवाई एक विशेष जांच के बाद की गई, जो इन स्रोतों से मिली जानकारी पर आधारित थी:

इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

दूरसंचार विभाग

कंपनी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वह स्कैम से निपटने के लिए सिर्फ़ यूज़र्स की शिकायतों का इंतज़ार नहीं कर रही, बल्कि खुद ही सक्रिय होकर कदम उठा रही है।